Thursday, April 19, 2012

जानिए कौन-कौन से काम करने से दूर होती हैं महालक्ष्मी...

पैसा, धन, रुपए आज सभी की सबसे पहली जरूरत बन गया है। इसके लिए कई प्रकार के जतन किए जाते हैं। फिर भी कई लोगों के साथ काफी ऐसा होता है कि अत्यधिक मेहनत के बाद भी पर्याप्त पैसा नहीं मिल पाता। कुछ लोगों की आय तो बहुत अच्छी होती है लेकिन बचत नहीं हो पाती। ज्योतिष के अनुसार ऐसा होने के पीछे कई कारण मौजूद हैं।

धन की प्राप्ति और बचत के लिए जरूरी है कि आप देवी महालक्ष्मी की कृपा रहे। महालक्ष्मी की कृपा के बिना कोई भी व्यक्ति धन के संबंध में संतुष्ट हो ही नहीं सकता। धर्म शास्त्रों के अनुसार महालक्ष्मी उन्हीं लोगों से प्रसन्न होती हैं जो निम्न कर्मों से दूर रहते हैं-

सूर्योदय के बाद सोना, सूर्यास्त के समय सोना, दिन में सोने वाले लोगों से मां लक्ष्मी अप्रसन्न रहती हैं।

रात में दही तथा दिन में दूध का सेवन करने से लक्ष्मी का नाश होता है।

जिस घर में या प्रतिष्ठान में गंदगी या बदबू रहती है वहां महालक्ष्मी का निवास नहीं होता है।

किसी भी दिन विशेषकर गुरुवार को ज्यादा ऊंची आवाज में बोलने या लडऩे से पैसा समाप्त होता है।

जिस घर में पति-पत्नी में झगड़ा होता हो वहां महालक्ष्मी कृपा नहीं करती हैं।

जिस घर में रात के समय झूठे बरतन रहते हो वहां देवी लक्ष्मी नहीं रहती हैं।

इन बातों का ध्यान रखने पर धन की देवी महालक्ष्मी सदैव आपके घर पर निवास करेंगी और पैसा से जुड़ी समस्याएं आपसे दूर ही रहेंगी।

Friday, April 13, 2012

ई-मेल के कुछ और बेहतरीन ठिकाने, क्या आप जानते हैं?

इंदौर। इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाला लगभग हर शख्स किसी न किसी ई-मेल सर्विस से जरूर जुड़ा होता है। सबसे लोकप्रिय ई-मेल सर्विसेज में जीमेल, याहू, एओएल और हॉटमेल शामिल हैं, लेकिन और भी कई सेवाएं यूजर्स को अच्छी और सुरक्षित ई-मेल सुविधा मुहैया करा रही हैं। जानते हैं इनके बारे में।



zoho.com/mail


भारत से संचालित होने वाली एक बेहतरीन अंतरराष्ट्रीय सेवा। जोहो मेल में बिजनेस यूजर्स और आम यूजर्स दोनों के लिए ई-मेल अकाउंट बनाने की सुविधा है। आम यूजर फ्री अकाउंट बना सकते हैं, जिसमें पांच जीबी तक का स्पेस दिया जाता है। इंस्टेंट मैसेंजर और कैलेंडर इसके खास फीचर्स हैं। महत्वपूर्ण संदेशों और संपर्को को बेहतर ढंग से व्यवस्थित करने में ई-मेल को फोल्डर्स और लेबल्स में वर्गीकृत करने जैसी सुविधाएं पसंद आएंगी। मेल बॉक्स विज्ञापनों से पूरी तरह फ्री है। यूजर्स चाहें तो मैसेज को थोड़ी देर से भेजने (डिलेड रिप्लाय) की सुविधा का भी फायदा उठा सकते हैं, जो असावधानीवश कुछ गलत लिख देने के मामलों में कारगर है।


mail.com


ई-मेल के लिए इससे बेहतर कोई और पता शायद दूसरा नहीं हो सकता। याद रखना बेहद आसान और नाम कितना सटीक। यह सबसे पुरानी और लोकप्रिय ई-मेल सेवाओं में से है। हालांकि भारत में इसे कम इस्तेमाल किया जाता है। अगर आप अपने व्यवसाय या इलाके के नाम के आधार पर अपना ई-मेल आईडी चाहते हैं, तो यहां मौजूद दो सौ विकल्पों में से किसी एक को चुन सकते हैं, जैसे इंजीनियर.कॉम, जर्नलिस्ट.कॉम, आर्किटेक्ट.कॉम या एशिया.कॉम। असीमित स्टोरेज, स्पैम फिल्टर और एंटीवायरस सुरक्षा, लेबल्स को ड्रैग एंड ड्रॉप करने की सुविधा ने इसे दुनिया भर में तीन करोड़ से ज्यादा यूजर्स की पसंदीदा बनाया है।


inbox.com


अपनी स्पीड के लिए मशहूर यह ई-मेल सेवा पांच गीगाबाइट की स्टोरेज स्पेस देती है। साफ-सुथरा इंटरफेस, तेज सर्च, माइक्रोसॉफ्ट वर्ड की तरह रिच टेक्स्ट एडिटिंग, एंटी स्पैम और एंटीवायरस स्कैनिंग वगैरह इसकी खासियत हैं। ई-मेल को व्यवस्थित रखने के लिए स्टार्स, फोल्डर्स, लेबल्स और फिल्टर्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। 30 एमबी तक के अटैचमेंट भेजने की सुविधा भी बड़े काम की है। कैलेंडर, नोट्स और इमेज गैलरी भी मौजूद हैं। यूजर्स अपने इनबॉक्स को मनपसंद रंग और डिजाइन से भी सजा सकते हैं।


myspace.com/my/mail


मशहूर सोशल नेटवर्किग वेबसाइट माइस्पेस की तरफ से पेश यह ई-मेल सेवा दूसरों से अलग अनुभव देती है। खास बात यह है कि असीमित स्टोरेज क्षमता होने के कारण यूजर्स को कभी अपने ईमेल मैसेज डिलीट करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके स्पैम और वायरस फिल्टर काफी अच्छे हैं इसलिए आप अपनी ई-मेल के सुरक्षित रहने के बारे में निश्चिंत हो सकते हैं। अलबत्ता यहां फोल्डर या लेबल्स जैसी चीज नहीं है, इसलिए संदेशों को व्यवस्थित करना थोड़ा मुश्किल लगता है।

Tuesday, January 10, 2012

आपके ही घर में छुपा है किस्मत और पैसा डबल करने का राज


जी हां आपको यकीन नहीं होगा कि इतना बड़ा राज आपके ही घर में छुुपा हो सकता है, लेकिन ये सच है। अगर आप गोर करें तो आपको पता चल जाएगा कि कैसे आसानी से पैसा और किस्मत डबल कर सकते हैं।

पैसा, धन, रुपए की जरूरत आज सभी को है, इसे हासिल करने के लिए कई प्रकार के जतन किए जाते हैं। कई लोगों की किस्मत में थोड़ी मेहनत के बाद ही काफी धन प्राप्त हो जाता है लेकिन कुछ लोग कड़ी मेहनत करते हैं फिर भी उन्हें पर्याप्त पैसा नहीं मिल पाता है। ऐसे में वास्तु के अनुसार कुछ ऐसी टिप्स बताई गई हैं जिससे आपके परिवार की ओर महालक्ष्मी की कृपा बढ़ेगी, फिर मिलेगा धन ही धन।

वास्तु के अनुसार सबसे अधिक जरूरी है कि घर सभी चीजे सही जगह पर रखी रहें अन्यथा गरीबी का निवास बहुत जल्दी हो जाता है। इसलिए इन बातों को अपनाएं...

कौन सी वस्तु कहां रखें



- सोते समय सिर दक्षिण में पैर उत्तर दिशा में रखें। या सिर पश्चिम में पैर पूर्व दिशा में रखना चाहिए।

- अलमारी या तिजोरी को कभी भी दक्षिणमुखी नहीं रखें।

- पूजा घर ईशान कोण में रखें।

- रसोई घर मेन स्वीच, इलेक्ट्रीक बोर्ड, टीवी इन सब को आग्नेय कोण में रखें।

- रसोई के स्टेंड का पत्थर काला नहीं रखें।

- दक्षिणमुखी होकर रसोई नहीं पकाए।

- शौचालय सदा नैर्ऋत्य कोण में रखने का प्रयास करें।

- फर्श या दिवारों का रंग पूर्ण सफेद नहीं रखें।

- फर्श काला नहीं रखें।

- मुख्य द्वार की दाएं ओर शाम को रोजाना एक दीपक लगाएं।

इन बातों को अपनाने निश्चित की धन संबंधी कई परेशानियां दूर होंगी।

Monday, January 2, 2012

सावधान! सिम खरीदने से पहले इस खबर को पढ़ लें, वरना फंस सकते हैं बुरा!


सावधान! हो सकता है, आपके द्वारा जमा की गई फार्मेलिटी पर डिस्ट्रीब्यूटर ने कुछ दूसरे लोगों को भी सिम जारी कर दिया हो। इनमें कोई अपराधी प्रवृत्ति का व्यक्ति भी हो सकता है। अगर ऐसा हुआ होगा तो तय है कि किसी न किसी दिन आपके सिर पर किसी और के द्वारा किए गए किसी अपराध का ठीकरा फूट सकता है। क्योंकि आपके द्वारा जमा की गई फार्मेलिटी पर डिस्ट्रीब्यूटर ने किसी और को भी सिम जारी कर दिया है इसलिए पुलिस सीधे आप तक ही पहुंचेगी।

सूत्रों के अनुसार डिस्ट्रीब्यूटर को सिम की बिक्री करने हर महीने टार्गेट दिया जाता है, जिसे पूरा करने उसके द्वारा उपभोक्ता के द्वारा जमा की गई फार्मेलिटी के साथ छेड़छाड़ की जाती है। सूत्रों का कहना है कि फार्मेलिटी का आदान-प्रदान एक शहर से दूसरे शहर भी किया जाता है। जगह-जगह स्टाल लगाकर मु त में सिम और साथ में 25 से लेकर 50 रुपए तक का टाक टाइम आफर देने वालों के पास सौ-दो सौ रुपए में बिना फार्मेलिटी के भी सिम हासिल किया जा सकता है। ऐसे ड्रिस्ट्रीब्यूटर किसी और की फार्मेलिटी के आधार पर सिम जारी करते हैं।

ग्राहकों से आईडेंटी प्रूफ के लिए डिस्ट्रीब्यूटर आवश्यक दस्तावेज लेता है। इन दस्तावेजों को फोटोकापी कराकर डिस्ट्रीब्यूटर अपने पास रख लेता है, जिसके आधार पर बाद में किसी अन्य का सिम को एक्टीवेट कर दिया जाता है। नियम के मुताबिक एक आईडेंटी प्रूफ को अधिकतम 7 बार उपयोग किया जा सकता है। वहीं एक उपभोक्ता एक ही कंपनी का अधिकतम 7 सिम रख सकता है। कंपनी भी संबंधित व्यक्ति की पोजीशन देखकर सात सिम उपलब्ध कराती है।

युवा वर्ग करते हैं अधिक उपयोग

आजकल के युवाओं में फर्जी नाम से हासिल सिम उपयोग करने की आदत सी बनते जा रही है। इस सिम के मार्फत युवा वर्ग अपनी गर्ल फ्रेंड्स और अन्य लोगों से बात करते हैं, जिससे उन्हें पकड़े जाने का डर नहीं रहता। सबसे अधिक फर्जीगिरी रिम और स्मार्ट में होती है, क्योंकि इनमें फ्री टाकटाइम वाली कई स्कीम होती है। डिस्ट्रीब्यूटर से सांठगांठ कर युवा वर्ग दूसरे की फार्मेलिटी के आधार पर सिम ले लेते हैं।

अपराध को बढ़ावा

फर्जी सिम के जरिए महिलाओं, युवतियों के साथ अश्लील संवाद करने से लेकर फिरौती अथवा जान से मारने आदि की धमकी बेखौफ दी जा सकती है। ऐसे मामलों में पुलिस चाहकर भी अपराधी तक नहीं पहुंच सकती। पिछले दिनों क्राइम ब्रांच की टीम के सामने हत्या, लूट जैसे कई मामलों की जांच के दौरान ऐसी बाते सामनें आई।

Wednesday, December 28, 2011

चार गुना बढ़े नकली नोट, ऐसे करें असली और नकली में फर्क!


भोपाल. राजधानी में नकली नोटों का चलन साल दर साल बढ़ता जा रहा है? हां, कम से कम सरकारी आंकड़े तो इसकी पुष्टि करते नजर आ रहे हैं। पिछले चार सालों में यहां नकली नोटों की बरामदगी करीब 4 गुना हो चुकी है।

हाल ही में झाबुआ में नकली नोट छापने वाले एक व्यक्ति को सजा सुनाई गई। भास्कर ने जब राजधानी में नकली नोटों के चलन की पड़ताल की तो सामने आया कि बीते वित्तीय वर्ष में ही यहां २६ लाख २६ हजार रुपए के नकली नोट पकड़े जा चुके हैं।

हालांकि जानकारी के अभाव में आम आदमी नकली नोट की पहचान होते ही उससे पिंड छुड़ाने की जुगत में लग जाता है, जबकि बैंक के कर्मचारी ग्राहक नाराज न हो जाए इस डर से नकली नोट उसे वापस कर देते हैं या फिर उसे फाड़कर दूसरा नोट मांग लेते हैं।

बैरागढ़ में सबसे ज्यादा चलन

बैरागढ़ और कोहेफिजा में नकली नोट की समस्या सबसे अधिक है। यहां की बैंक शाखाओं में बल्क में आने वाले 100 और 500 रुपए के नोट कई बार नकली निकलते हैं, लेकिन ज्यादातर मामलों में लीपापोती होती रहती है।

इधर, आरबीआई ने जिन बैंकों को करंसी चेस्ट (तिजोरियां) उपलब्ध करा रखे हैं, वहां अत्याधुनिक मशीनों से नोट की शॉर्टिग होती है। इसलिए बैंकों का दावा है कि एटीएम से नकली नोट मिलने की संभावना काफी कम होती है।

क्या है नियम

किसी बैंक की शाखा में पहुंचे ग्राहक के पास नकली नोट निकलता है तो बैंककर्मी को तत्काल उस पर सील लगाकर ग्राहक के हस्ताक्षर लेना चाहिए। यहां ग्राहक का दायित्व है कि वह बैंक को बताए कि उसे यह नोट कहां से मिला ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह नोट कहां से आया।

नोडल थाने भी बने

केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर सालभर पहले हर जिले में नकली नोटों के मामलों निपटाने के लिए एक नोडल थाना बनाया गया है। भोपाल में एमपी नगर थाने को नोडल थाना बनाया है। इस थाने में इसके लिए अधिकृत पुलिस अधिकारी की ये जिम्मेदारी है कि वह बैंक अफसरों के साथ मीटिंग करें और नकली नोटों पर नजर रखें।

हमारी बैंक के सभी कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि अगर कोई ग्राहक नकली नोट लेकर आता है तो उसे तत्काल जब्त कर लिया जाए। जोनल ऑफिस में इसकी निगरानी के लिए एक अलग प्रकोष्ठ बना है।

- विजय रांगणोकर, पीआरओ, एसबीआई

हम बैंक में पैसा जमा कराने

जाएं और गड्डी से नकली नोट निकल आए तो कैशियर वह नोट फाड़कर उनकी जगह दूसरे नोट मांग लेता है।

- राजेंद्र कोठारी, पूर्व स्थानीय डॉयरेक्टर, पीएचडी चेंबर ऑफ कॉमर्स

कैसे जानें नोट असली या नकली

जब भी कोई नया नोट चलन में आता है तो आरबीआई उसकी स्पेशल पहचान जारी करती है। किसी भी ब्लू लाइट वाले अल्ट्रावायलेट लैंप की रोशनी में जब नोट को देखा जाता है तो उसकी विशेष पहचान के सभी चिह्न साफ दिखाई देते हैं। अगर कोई चिह्न उसमें न दिखाई दे तो समझ लीजिए कि यह नोट नकली है। हर बैंक के कैशियर के पास यह लैंप उपलब्ध होता है। वहां नोट की पहचान की जा सकती है।

Tuesday, December 27, 2011

अगर आप घी खाने से बचते हैं, तो आज से खाना शुरू कर दें क्योंकि...


घी भारतीय व्यंजनों,आयुर्वेदिक औषधियों का पुरातन काल से ही एक घटक रहा है, आयुर्वेद के ग्रंथों में तो घी के कई औषधीय महत्व को बताया गया है। कहा तो यहाँ तक गया है कि घी को अन्य औषधि से सिद्धित करने पर यह अपने गुणों को न छोडते हुए उस औषधि के गुणों को भी अपने अन्दर समाहित कर लेता है- है न कमाल की बात ,ये तो अनुकरणीय भी है,फिर डर कैसा ?

भारतीय गृहणियां इसे एक विशेष विधि से बनाती हैं, जिनमे गाय के दूध को लकड़ी या मिट्टी के बर्तन में रखकर पहले दही में बदला जाता है,अब दही को मथकर मक्खन प्राप्तकर धीरे-धीरे उबाल कर तबतक पकाया जाता है, जब तक मक्खन में स्थित दूध के ठोस कण तले में न बैठ जाएँ और फेन भाग ऊपर न आ जाय, इसके बाद फेन को सावधानी से चम्मच से अलग कर घी को भी चम्मच से साफ बर्तन में अलग कर लिया जाता है। ठंडा होने पर बर्तन का ढक्कन अच्छी तरह से बंद कर दिया जाता है,बस ध्यान रहे घी को कभी भी फ्रिज में न रखें। आयुर्वेद की कई दवाओं में 'घी ' का प्रयोग होता है तथा इस हेतु गाय के घी को श्रेष्ठ माना गया है।



आयुर्वेद के इन औषधियों को औषधिसिद्धित घृत के नाम से जाना जाता है जो निम्न हैं : फलघृत :-खून को बढाने वाला,बंध्या स्त्री को संतान्योग्य बनानेवाला।त्रिफलादीघृत :सभी प्रकार के उदर एवं कृमी रोगों को दूर करने वाला।वृहतकल्याणकघृत :गर्भ न ठहरने वाली स्त्री के लिए अत्यंत उपयोगी औषधि। अशोकघृत : लूकोरीया,कमर दर्द आदि में लाभकारी औषधि।

नवीनघृत :रुचिकारक,तृप्तिकारक,दुर्बलता दूर करने वाला,पुराणघृत या पुराना घी:10 वर्ष पुराना घी जुखाम ,खांसी ,मूर्छा,त्वक विकार ,उन्माद (पागलपन ) और अपस्मार (मिर्गी ) आदि रोगों में फयदेमंद ,पञ्चतिक्तघृत :त्वचा रोगों में प्रभावी होता है। आयुर्वेद मत से गाय का घी अन्य सभी घी की अपेक्षा स्वादिष्ट,बुद्धि ,कान्ति,स्मरणशक्ति को बढाने वाला,वीर्यवर्धक ,अग्निदीपक,पाचक ,यौवन को स्थिर रखने वाले गुणों से युक्त होता है, तो यूँ ही नहीं खाया जाता रहा है घी सदियों से ,बस आवश्यकता है शुद्ध एवं संयमित मात्रा में सेवन की।

Sunday, December 25, 2011

बैंक में खाता रखने वालों को होगा फायदा


आरबीआई ने बैंकों को नया फरमान जारी किया है जिसके तहत बैंक में खाता रखने वाले लोगों को बड़ा फायदा होगा। आरबीआई ने बैंकों से कहा है कि वो खाता बंद करने वालों से किसी तरह का कोई शुल्क न वसूले। आरबीआई ने कहा कि वो आम लोगों तक आधुनिक बैंक सुविधाएं पहुंचाना चाहता है और अगर कोई व्यक्ति नौकरी बदलने या किसी दूसरे कारण से अपना खाता बंद करवाना चाहता है तो उसपर कोई शुल्क न वसूला जाए।

आरबीआई के डिप्टी गवर्नर केसी चक्रवर्ती ने कहा कि बैंक उस सेवा की फीस कैसे वसूल सकता है जो वो दे ही नहीं रहा खाता बंद करने का मतलब है सेवा बंद करना और ऐसे में कोई बैंक किसी व्यक्ति के खाते से पैसे निकालकर अपने नफे-नुकसान में नहीं जोड़ सकता।