Saturday, April 16, 2011
जवानी में सफेद बाल, फिक्र छोडें और करें यह अचूक उपाय
तमाम कोशिशों और दवाइयों के बावजूद बालों का झडऩा और सफेद होना रुक ही नहीं पाता है। क्योंकि बालों के झडऩे या सफेद होने के पीछे सिर्फ शारीरिक कारणों का ही हाथ नहीं होता है बल्कि मानसिक परेशानियां जैसे तनाव आदि की भी अहम् भूमिका होती है।
सिर्फ दवाइयों से ही अगर बालों की समस्या का हल निकलता तो शायद अमीर वर्ग के लोगों को इससे निजात मिल चुकी होती, किन्तु ऐसा नहीं है।
असल में बालों की समस्या के पीछे कई कारण होते हैं, अत: सभी कारणों पर काम किये बगैर समस्या का हल नहीं निकल सकता। लेकिन हमने यहां कुछ ऐसे अनुभवी और सौ-प्रतिशत कारगर तरीके बताए हैं जो हर हाल में बालों की समस्या से छुटकारा दिला सकते हैं। तो आइये देखें कि वे उपाय क्या हैं-
- किसी जानकार व्यक्ति के मार्गदर्शन में क्षमतानुसार नियमित रूप से शीर्षासन का अभ्यास करें
- रात को सोते समय नियमित रूप से त्रिफला चूर्ण का सेवन करें।
- भोजन में सलाद और फलों का सेवन अवश्य करें।
- प्रतिदिन 3 से 4 किलोमीटर तक मोर्निग वॉक पर अवश्य जाएं।
- ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं, चाय, कॉफी जैसी चीजों यथा संभव दूर रहें।
- तनाव को अपने ऊपर हावी न होने दें, ध्यान आदि का सहारा लें।
Monday, April 11, 2011
किन्नर को दान क्यों देना चाहिए?
किन्नर एक ऐसा वर्ग है जो सभी के लिए अक्सर जिज्ञासा और आश्चर्य का विषय होता है। इनके जीवन का एक मात्र सहारा क्षेत्रीय नाच-गान ही है। हमारे यहां कोई भी तीज-त्यौहार या शादी ब्याह होता है तो किन्नरों को दान दिया जाता है। साथ ही कहा जाता है कि किन्नरों को दान देना चाहिए क्योंकि इन्हें दान देने से आर्थिक तरक्की होती है। कहते हैं यह अगर बुधवार के दिन किसी जातक को आशीर्वाद दे दें तो उसकी किस्मत खुल जाती है। शास्त्रों के अनुसार संचित,प्रारब्ध और वर्तमान मनुष्य के जीवन का कालचक्र है।
संचित कर्मों का नाश प्रायश्चित और औषधि आदि से होता है। आगामी कर्मों का निवारण तपस्या से होता है किन्तु प्रारब्ध कर्मों का फल वर्तमान में भोगने के सिवा अन्य कोई उपाय नहीं है। कर्मों के अनुसार स्त्री-पुरुष या नपुंसक योनि में जन्म लेना पड़ता है। ज्योतिष के अनुसार बुध को नपुंसक ग्रह माना गया है। माना जाता है कि किन्नरों पर बुध का विशेष प्रभाव होता है। इसीलिए किन्नरों को दान देने से बुध प्रसन्न होते हैं। बुध को धन, बुद्धि तर्क व कर्म का कारक ग्रह माना गया है। ऐसी मान्यता है कि बुध से संबंधित दान करने से संचित कर्मों का नाश होता है और अगले जन्म में किन्नर के रूप में जन्म नहीं लेना पड़ता है। इसीलिए किन्नरों को दान करने को विशेष महत्व दिया गया है।
कब और क्यों नहीं सोना चाहिए?
भागदौड़ से भरी जिंदगी में आराम के लिए समय ही नहीं है तभी तो कई बार दिन में लोग कुछ देर के लिए आराम करते हैं।कई लोग समय की कमी के कारण शाम के वक्त आराम करते हैं। यहां आराम करने से हमारा मतलब है-सोने से।पर शाम को सोना शास्त्रों की दृष्टि से अनुचित माना जाता है। क्या कारण है कि शाम को सोना वर्जित माना जाता है?
वैसे देखा जाए तो सोने के रात्रि को ही श्रेष्ठ माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार तो दिन भी नहीं सोना चाहिए। दिन में सोने से आयु घटती है, शरीर पर अनावश्यक चर्बी बढ़ती है, आलस्य बढ़ता है आदि।इसलिए दिन में सोना प्रतिबन्धित है। सिर्फ वृद्ध, बालक एवं रोगियों के मामले में यहां स्वीकृति है।
इस प्रकार जब शास्त्रों में दिन में सोने पर पाबंदी है तो शाम का समय तो वैसे भी संध्या-आचमन का होता है। शाम का समय देवताओं की आराधना एवं संध्या का होता है।
इस समय सोने से शरीर में शिथिलता आती है और नकारात्मक विचारों का आगमन होता है। इस समय तो पूरे भक्तिभाव से भगवान की पूजा-अर्चना एवं संध्या करनी चाहिए।शाम को सोने के साथ ही खाना खाना, पढ़ाई करना एवं मैथुन कर्म करना भी वर्जित है। कहते हैं इन कर्मों को शाम को करने से आयु तो घटती ही है, साथ ही यश, लक्ष्मी, विद्या आदि सभी का नाश हो जाता है।इसलिए शाम को सोना शास्त्रोक्त विधान के अनुसार अनुचित माना गया है।
सुबह उठने के बाद सबसे पहले जरूर करें ये '6 काम'
शास्त्रों के अनुसार हर समय के लिए अलग-अलग परंपराएं बताई गई हैं। सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक कई जरूरी कर्म बताए गए हैं जिन्हें करना हमारे स्वास्थ्य और धर्म के नजरिए से फायदेमंद है।
ऐसा माना जाता है सुबह नींद से जागने के बाद हम कोई शुभ कर्म करें तो पूरा दिन अच्छा रहता है। इसी वजह से कई ऐसी परंपराएं निर्धारित की गई हैं जिन्हें अपनाने वाले इंसान को किसी प्रकार की परेशानी या दुख नहीं रहता।
साथ ही इनसे स्वास्थ्य लाभ भी प्राप्त होता है। प्रतिदिन के सभी आवश्यक कार्यों के अतिरिक्त यहां कुछ कर्म ऐसे बताए जा रहे हैं जिन्हें प्रतिदिन करने से आपके लिए सुख और समृद्धि के नए रास्ते खुलेंगे।
Friday, February 25, 2011
घर में पैसा कहां और कैसे रखना होगा फायदेमंद!
चोरों से बचाने के लिए पैसा किसी विशेष जगह पर ही रखा जाता है। वास्तु अनुसार बताए गए स्थान पर पैसा रखने से आपका धन सुरक्षित तो रहेगा साथ ही उसमें बरकत भी होगी। आय के स्रोतों में बढ़ोतरी होगी।
उत्तर दिशा को वास्तु शास्त्र के अनुसार धन के देवता कुबेर का स्थान माना जाता है। उत्तर दिशा का प्रभाव गृहस्वामी के धन की सुरक्षा और समृद्धि देने वाला माना जाता है। मतलब वास्तु शास्त्र के अनुसार गृहस्वामी को अपने नकद धन को उत्तर दिशा में रखना चाहिए। नकद धन के लिए अलग से कमरा बनाना आज के जमाने में तो संभव नहीं है।
यह तो सिर्फ पुराने जमाने में राजे रजवाड़ो के लिए संभव था। इसलिए गृहस्थ को अपना धन उत्तर दिशा के बेडरुम में रखना चाहिये। नकद, गहनों एवं अन्य कीमती चीजों को उत्तर दिशा में किसी स्थान पर रखना बहुत शुभ फल देने वाला होता हैं लेकिन उत्तर दिशा के पूजा स्थान के आसपास मे इसका स्थान उत्तम होता है धन को इस स्थान पर रखने से धन में तेजी से वृद्धि होने लगती है।
इसमें एक अलग मत और भी है कुछ वास्तुशास्त्रियों के अनुसार नकद धन को उत्तर में रखना चाहिए और रत्न, आभूषण आदि दक्षिण में रखना चाहिए। ऐसा इसलिए माना जाता है क्योंकि नकद धन आदि हल्के होते है इसलिए इन्हे उत्तर दिशा में रखना वृद्धिदायक माना जाता है। रत्न आभूषण में वजन होता है इसलिए उन्हे कहीं भी नहीं रखा जा सकता है। इसके लिए तिजोरी या अलमारी की आवश्यकता होती है और ये काफी भारी होती है। इसलिए दक्षिण दिशा में रख उसमें आभूषण आदि रखने को उतम माना जाता है।
Tuesday, February 15, 2011
हमेशा पैसों से भरा रहेगा आपका पर्स अगर..
क्या आपके पर्स में पैसा नही टिकता, बार-बार खर्च हो जाता हैं या हमेशा पर्स खाली ही रहता है अगर हां तो आप अंक ज्योतिष के अनुसार अपने अंक का प्रयोग करें। ये प्रयोग शुक्लपक्ष में किया जाता हैं और प्रभाव कम हो जाने पर छ: महीने बाद फिर से किया जा सकता हैं।जानिएं इसके लिए आपको अपने अंक के अनुसार क्या करना चाहिए..
अंक 1: जिनका अंक एक है वह अपने पर्स में सफेद रेशमी चौकोर कपड़े पर अपने भाग्यांक का नंबर 1 लिख कर रविवार सुबह के समय रखें. इसे प्रतिदिन हमेशा अपने पास रखने से धन में वृद्धि होगी और आपका पर्स हमेशा भरा रहेगा।
अंक 2: जिनका अंक दो है वह अपने पर्स में नीले रंग के रेशमी कपड़े में सफेद रंग के चमकीले सितारे लगवा कर सोमवार रात्री के समय से रखें तो उनके पर्स में कभी पैसों की कमी नही होगी।
अंक 3: तीन अंक वालों को गुरूवार सुबह के समय अपने पर्स में पीले रंग के रेशमी कपडे में चांदी का चौकोर टुकड़ा रखना चाहिए।
अंक 4: अंक चार वालों को पर्स में भूरे रंग के रेशमी कपड़े में काली मिर्च बाँध कर रखना चाहिए इसके रखने से अंक चार वालों का पर्स पैसों से भरा रहेगा। इसे शनिवार शाम के समय रखें।
अंक 5: इस अंक वालों को बुधवार दोपहर के समय पर्स में हरे रंग के रेशमी कपड़े में एक ताम्बे का छेद वाला सिक्का लपेट कर हरे रंग के धागे से बाँध कर रखना चाहिए ।
अंक 6: अगर आपका अंक छ: है तो आप अपने पर्स में गुलाबी रंग के रेशमी कपड़े में सफेद रंग से 6 का अंक लिख कर शुक्रवार सुबह के समय रखें और रखने के बाद कोई भी सफेद मिठाई का सेवन करें तो आपको पैसों से संबंधित परेशानियां नही होगी।
अंक 7: सात अंक वाले गुरुवार के दिन सुबह अपने पर्स में सुनहरी रंग के कपड़े में पीली सरसों बांध कर रखें ।
अंक 8: जिनका अंक आठ है वो शनिवार को सुबह पर्स में पीले रंग के कपड़े में अखंडित चावल के 21 दाने बाँध कर रखें तो पैसों से संबंधित रुकावटें दूर होने लगेगी।
अंक 9: मंगलवार शाम को पर्स में लाल रंग का रेशमी कपड़ा रखने से इस अंक वालों का पर्स हमेशा भरा रहेगा।
Saturday, January 1, 2011
राशि के अनुसार ऐसा करें तो होगी मनोकामना पूरी
जब कोई भी इंसान अपनी किसी भी इच्छा की पूर्ति के लिए कोशिशें कर के हार जाता है तो फिर वह मंदिरों में जाकर मन्नतें मांगता है। इस तरह वह पैसों व समय दोनों का नुकसान उठाता है। फिर भी वह निश्चयपूर्वक नहीं कह सकता कि उसकी मनोकामना पूरी हो ही जाएगी। लेकिन तंत्र विज्ञान मे कुछ ऐसे टोटके हैं जिन्हे अपनाकर आप निश्चित ही अपनी सारी मनोकामनाओं को पूर्ण कर सकते हैं।
यदि आप चाहते हैं 2011में आपकी हर एक मनोकामना पूरी हो तो आपकी राशि के अनुसार नीचे लिखें टोटको को पूरी श्रद्धा से अपनाएं निश्चित ही 2011 में आपकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी।
मेष- ग्यारह हनुमान जी को सिन्दूर का चोला चढ़ाएं या वर्ष में एक बार हनुमान जी के किसी मन्दिर में रामध्वजा लगवाएं।
वृषभ- ग्यारह शुक्रवार लक्ष्मीजी या देवी के मन्दिर में खुशबु वाली अगरबत्ती चढ़ाएं और खीर का प्रसाद बांटे।
मिथुन- रोज कुछ भी खाने से पूर्व इलायची और तुलसीदल गणपति के स्मरण के साथ सेवन करें।कर्क- भगवान शिव को हर सोमवार को मीठा दूध चढ़ाएं।
सिंह- जल में रोली और शहद मिलाकर रोज सूर्यदेव को तांबे के लोटे से अघ्र्य दें।
कन्या- २१ बुधवार गणेश जी को दूर्वा, गुड़ व साबुत मूंग चढाएं।
तुला- शुभ कार्य के लिए निकलने से पहले तुलसी के दर्शन करें और उसका एक पत्ता खाकर निकलें।
वृश्चिक- किसी भी महत्वपूर्ण कार्य के लिए निकलने से पूर्व हनुमान जी को पान का बीड़ा चढ़ाएं।
धनु- सूर्यदशा की ओर मुख करते हुए नित्य नाभि और मस्तक पर केसर का तिलक लगाएं।
मकर- हर शनिवार को उठते समय सबसे पहले खेजड़ी या पीपल के पेड़ पर जल चढाएं।
कुंभ- सात शनिवार दक्षिणामुखी हनुमान जी की परिक्रमा करें। अंत में गुड़ चने का प्रसाद चढ़ाकर हनुमान चालिसा का पाठ करें।
